छत्तीसगढ़

टसर रेशम से बदली ललित गुप्ता की किस्मत, मेहनत और लगन से बना आत्मनिर्भरता का उदाहरण

Shantanu Roy
19 Dec 2025 7:20 PM IST
टसर रेशम से बदली ललित गुप्ता की किस्मत, मेहनत और लगन से बना आत्मनिर्भरता का उदाहरण
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Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड के आमाघाट गांव निवासी ललित गुप्ता की, जिनकी किस्मत टसर रेशम उत्पादन से पूरी तरह बदल गई। संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है। कुछ वर्ष पहले तक ललित गुप्ता भूमिहीन थे और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। सीमित आय और सालभर काम की अनिश्चितता के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए बेहद कठिन था। लेकिन परिस्थितियों से हार मानने के बजाय उन्होंने अतिरिक्त आमदनी के विकल्प तलाशे। इसी दौरान वे रेशम विभाग के आमाघाट केंद्र से जुड़े और टसर कृमिपालन एवं टसर बीज निर्माण का कार्य शुरू किया।

शुरुआती समय में आमदनी अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा। निरंतर प्रयास, सीखने की ललक और विभागीय मार्गदर्शन के चलते धीरे-धीरे उनके उत्पादन में वृद्धि होने लगी। रेशम विभाग के सहयोग से बीते तीन वर्षों में उन्हें लगभग 4.50 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई। वर्ष 2024-25 में ललित गुप्ता ने करीब 1.05 लाख टसर कोसा का उत्पादन किया, जिसके एवज में उन्हें लगभग 1.93 लाख रुपये का भुगतान मिला। इसके अलावा टसर बीज निर्माण कार्य से उन्हें लगभग 30 हजार रुपये की अतिरिक्त आय भी प्राप्त हुई। टसर
कोसा उत्पादन
से हुई इस निरंतर बढ़ती आमदनी ने ललित गुप्ता के जीवन को नई दिशा दी। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के बाद उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह पूरे सम्मान के साथ संपन्न कराया। वर्षों से देखा गया कच्चे घर का सपना भी अब साकार हो गया और उन्होंने पक्का मकान बनवाया। दैनिक आवागमन की सुविधा के लिए नई मोटरसाइकिल खरीदी, वहीं स्वयं और पत्नी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 40 हजार रुपये की वार्षिक बीमा किस्त भी जमा कर रहे हैं। यह बदलाव उनके जीवन में आए सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

सर्वश्रेष्ठ टसर कोसा उत्पादक का मिला सम्मान
ललित गुप्ता की मेहनत और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें वर्ष 2024-25 में “मेरा रेशम–मेरा अभिमान” योजना के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ टसर कोसा उत्पादक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बेंगलुरु (कर्नाटक) में प्रदान किया गया। यह पुरस्कार न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि जिले के लिए भी गौरव की बात है। ललित गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय रेशम विभाग, शासन-प्रशासन और समय पर मिले मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि यदि सही दिशा और सहयोग मिले तो ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी मेहनत के बल पर अपनी तकदीर बदल सकते हैं। आज उनकी सफलता रायगढ़ जिले के अनेक ग्रामीणों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
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